क्या होता है विसरा? पोस्टमार्टम के बाद इसे क्यों रखा जाता है सुरक्षित?, जानिए

बॉलीवुड के टैलेंटेड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। इस खबर के सामने आने के बाद उनके घरवाले, करीबी, दोस्त और फैंस को एक सदमा सा लग गया है और वे यकीन नहीं कर पा रहे कि उनका चहेता सुशांत अब नहीं रहे। सुशांत के सुसाइड के बाद उनके शव को कूपर हॉस्पिटल ले जाया गया और वहां उनका पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत हुई ऐसा सामने आया है लेकिन अभी भी ये सुसाइड संदिग्ध है इसलिए सुशांत के विसरा को जांच के लिए रखा गया है। अब आपके मन में सवाल होगा कि Kya hota hai Visra और इसका इस केस से क्या लेना-देना तो हम आपको इसकी कुछ डिटेल देने जा रहे हैं।



आखिर Kya hota hai Visra ?

किसी भी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके बाद मौत के कारणों को पता लगाने के लिए मृतक के शरीर के कुछ आंतरिक अंगों जैसे फेफड़ा, आंत, किडनी, ब्रेन, लीवर और ब्लड के सैंपल को सुरक्षित रख दिया जाता है। विसरा सैंपल की जांच फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (Forensic science laboratory) में ही होती है। Kya hota hai Visra इसके बारे में राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा के फॉरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर एके सिंह के इस बारे में बताया, ‘किसी व्यक्ति का शव देखने पर उसकी मृत्यु संदिग्ध लगती है या उसे जहर देने की आंशका में रखा जाता है तो पोस्टमार्टम के समय उस व्यक्ति का विसरा सुरक्षित रख लिया जाता है। बाद में जांच करके पता लगाया जाता है कि उस व्यक्ति की मौत असल में कैसे हुई। सरल भाषा में बताएं तो मानव शरीर के अंदरूनी भाग फेफड़ा, किडनी, आंत को विसरा कहते हैं।’

Kya hota hai Visra
Kya hota hai Visra

‘किस अंग को कितना सुरक्षित रखना है ये भी निश्चित किया जाता है। मृतक के शरीर से 100 ग्राम खून, 100 ग्राम पेशाब, 500 ग्राम लीवर सुरक्षित रखते हैं। इसे सेचूरेटेड सॉल्ट सोल्यूशन में सुरक्षित रखते हैं, जिससे की बाद में जांच करने पर सही रिपोर्ट सामने आ सके।’ डॉ. ने आगे बताया कि विसरा को तीन शीशे के जारों में सुरक्षित रखते हैं, एक में जितने भी पाचन तंत्र हैं उन्हें रखते हैं, दूसरे में ब्रेन, किडनी, लीवर और तीसरे में ब्लड को रखा जाता है। देश में प्वाइजनिंग इंफॉर्मेशन सेंटर बहुत कम हैं, जहां पर डाटा बनाया जा सके कि देश में कितने लोग जहर खाकर मरे हैं। यूपी में एक भी सेंटर नहीं है। मेडिकल कॉलेज में भी फॉरेंसिक साइंस लैब नहीं होता, जहां ये पता लगाया जा सके कि मौत किन कारणों से हुई। इस वजह से ये पता लगाना मुश्किल होता है कि व्यक्ति की मौत असल में हुई कैसे है। मगर सरकार इस विषय पर बात कर रही है क्योंकि देश में मौत के आंकड़ों का पता लगना भी जरूरी होता है।



निष्कर्ष: हमने ये खबर कई विश्वासनीय वेबसाइट्स से और कुछ रिसर्च करके लिखी है। उम्मीद है आपको अब समझ आ गया होगा कि पोस्टमार्टम के बाद विसरा का क्या इस्तेमाल क्या होता है और Kya hota hai Visra, इससे जुड़े सवाल भी क्लियर हो गए होंगे। अगर आपको ये इनफॉर्मेशन पसंद आई तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं, धन्यवाद।।

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