जीवन परिचय: टेनिस प्लेयर से किरण बेदी कैसे बनी भारत की पहली महिला IPS?

भारत की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर किरण बेदी एक अच्छी लेखक भी हैं और उन्होंने एक सुंदर बात कही कि ”सबकुछ संभव है, कुछ भी असंभव नहीं है, किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिर्फ कोशिश करने की जरूरत है।” इन्हीं पॉजिटिव थॉट्स से वे अपने जीवन में सफलता हासिल कर पाईं। वे दिखने में जितनी कड़क हैं उनका हृदय लोगों के प्रति उतना ही दयाभाव से परिपूर्ण है। किरण बेदी के 70वें जन्मदिवस पर हम आपको Kiran Bedi Biography in Hindi बताने जा रहे हैं। उम्मीद है आपको उनके जीवन से प्रेरणा मिलेगी।



किरण बेदी का प्रारंभिक जीवन | Kiran Bedi Biography in Hindi

9 जून, 1929 को पंजाब के अमृतसर में जन्मी किरण बेदी एक पंजाबी परिवार से बिलॉन्ग करती हैं। इनके पिता प्रकाश लाल परेशावरिया एक कपड़ा व्यापारी थे और उन्हें टेनिस खेलने का भी शौक था। किरण जी ने अपने पिता से ही प्रोत्साहित होते हुए कम उम्र से ही टेनिस खेलना शुरु कर दिया था। वहीं उनकी मां प्रेमलता एक गृहिणी थी। किरण की तीन बहने भी हैं, इनमें दो बहने टेनिस प्लेयर हैं। किरण बेदी के पिता ने पुरुष प्रधान देश में अपनी बेटियों को पढ़ाने-लिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और काफी संघर्ष भी किया। किरण जी अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरी उतरीं और ना सिर्फ शिक्षा बल्कि खेल और सामाजिक गतिविधियों में भी आगे रहीं। किरण बेदी की शुरुआती पढ़ाई अमृतसर के सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से हुई और इसी दौरान उन्होंने नेशनल कैडेट कॉर्प्स (NCC) ज्वाइन किया।

किरण बेदी की शिक्षा | Qualification of Kiran Bedi

Kiran Bedi Biography in Hindi
Kiran Bedi

साल 1968 में किरण बेदी ने अमृतसर के गवर्मेंट कॉलेज फॉर वुमन से इंग्लिश में ग्रेजुएशन किया और साल 1970 में पंजाब यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान से मास्टर की डिग्री ली, इतना ही नहीं वे अपने कॉलेज की टॉपर थीं। साल 1988 में किरण जी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही लॉ की पढ़ाई पूरी की और साल 1993 में उन्होंने आईआईटी दिल्ली से सोशल साइंस से PHD किया और ड्रग, एब्यूज के साथ ही डोमेस्टिक वायलेंस पर थीसिस भी लिखी थी। इसी बीच उन्होंने कई दूसरी एक्टिविटीज भी कीं, इसी दौरान वे भारत की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर बनी और उन्होंने सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए बहुत से कदम भी उठाए।



टेनिस प्लेयर से इस तरह बनी आईपीएस ऑफिर

9 साल की उम्र में किरण बेदी ने अपने पिता से प्रेरित होकर टेनिस खेलना शुरु कर दिया था। साल 1964 में किरण बेदी ने टेनिस प्लेयर के तौर पर करियर की शुरुआत भी कर दी थी। साल 1966 में किरण बेदी ने जूनियर नेशनल लॉन टेनिस चैम्पियनशिप जीता था और साल 1968 में उन्होंने ऑल इंडिया इंटरवेर्सिटी टेनिस टाइटल भी जीता। उन्हें टेनिस प्लेयर के रूप में सफलता मिल रही थी लेकिन वे कई सीनियर सिविल सर्वेंट से प्रभावित होकर पब्लिक सर्विस करना चाहती थीं। फिर उन्होंने अपने करियर को प्राथमिकता सिविल सर्विस को दी और जुलाई, 1972 को किरण बेदी ने मसूरी के नेशनल अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन से पुलिस प्रशिक्षण शुरु किया। उनके बैच में वे अकेली महिाल थीं जो बाद में भारत की पहली महिला IPS ऑफिसर बनीं। उन्होंने 6 महीने का फाउंडेशन कोर्स किया और प्रशिक्षण माउंट आबू में दिया था, फिर इन्हें ट्रेनिंग के लिए पंजाब पुलिस भेजा गया।

प्रथम महिला अधिकारी | First female IPS Officer in India

Kiran Bedi Biography in Hindi
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किरण बेदी भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की पहली महिला अधिकारी हैं। भारतीय पुलिस सेवा में पुलिस महानिदेशक (ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट) के पद पर पहुंचने वाली वे एक मात्र महिला थीं इससे उन्हें ये गौरव प्राप्त हुआ। अपने 35 साल के करियर में वे इन पदों पर रह चुकी हैं-

  • दिल्ली यातायात पुलिस प्रमुख
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो
  • डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस, मिज़ोरम
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़
  • स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवरनर, दिल्ली
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस , चंडीगढ़
  • जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ट्रेनिंग
  • स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस इंटेलिजेन्स
  • यू.एन. सिविलियन पुलिस एड्वाइजर
  • महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा
  • महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो



किरण बेदी एक सोशल वर्कर | Social Worker Kiran Bedi

साल 1987 को किरण बेदी ने 17 अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ नवज्योति इंडिया फाउंडेशन (NIF) की स्थापना की। इसमें ड्रग नशा से मुक्ति और पुनर्वास की पहल लोगों के लिए कराई जाती है। इस संगठन में निरक्षता और महिलाओं की तरह-तरह की सामाजिक मुद्दों के बारे में भी विस्तार से मदद होती है। महिलाओं के ऊपर होने वाली घरेलू हिंसा, सामाजिक शोषण जैसे मुद्दों को सुलझाने का काम इसी फाउंडेशन के तहत होता है ये एक NGO है। साल 1994 में किरण बेदी ने कैदियों की स्थिति में सुधार कार्य, पुलिस सुधार, जेल सुधार, ग्रामीण, सामुदायिक विकास कार्य और महिला सशक्तिकरण के लिए इंडिया विजन फाउंडेशन की भी स्थापना की। किरण बेदी पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए ‘आप की कचहरी’ जैसा टीवी प्रोग्राम भी होस्ट कर चुकी हैं।

किरण बेदी का निजी जीवन | Kiran Bedi personal life

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साल 1972 में किरण बेदी ने ब्रिज बेदी के साथ शादी की थी। ब्रिज बेदी एक समाज सुधारक और बिजनेसमैन थे। उनकी अपनी एक पहचान थी लेकिन किरण बेदी से शादी के बाद उन्हें लोग देश की पहली महिला आईपीएस ऑफिसर के पति के रूप में जानने लगे और इसपर उनके पति ब्रिज बेदी को गर्व था। उन्होंने हर कदम पर किरण बेदी का साथ दिया, बता दें साल 201 में किडनी और सांस की बीमारी के कारण उनका गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था। इनकी एक बेटी साइना बेदी हैं, जो सोशल वर्कर हैं और कई NGO चलाती हैं। इनका एक प्रोडक्शन हाउस भी है जिसमें टीवी सीरियल बनाया जाता है। इसमें एक सीरियल बना था ‘गलती किसकी है’ ये सीरियल किरण बेदी की एक किताब पर आधारित था।

किरण बेदी का राजनीतिक करियर | Kiran Bedi Political Career

साल 2011 में किरण बेदी अन्ना हजारे के आंदोलन से काफी प्रभावित हुई थीं और उसमें वे जुड़ी भी। इनके साथ ही अरविंद केजरीवाल (वर्तमान दिल्ली के मुख्यमंत्री) भी शामिल थे और ये आंदोलन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के लिए था। इंडिया अगेंस्ट करप्शन (IAC) ने देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध किया था और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार से एक मजबूत लोकपाल बिल लाने का आग्रह था। सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच कई विचार विमर्श हुआ और 12 दिनों के बाद संसद में लोकपाल बिल तीन बिंदुओं पर विचार करने के बाद एक प्रस्ताव पारित किया गया। साल 2015 में किरण बेदी भाजपा से जुड़ीं और इसी साल उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनावों में बीजेपी की तरफ से सीएम उम्मीदवार भी रहीं। साल 2016 में उन्हें पांडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर अप्वाइंट किया गया।

किरण बेदी के नाम रहे ये विवाद | Kiran Bedi Controversy

Kiran Bedi
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साल 1982 में किरण बेदी पहली बार विवादों में घिरी जब वे दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी के दौरान अपने अवैध पार्किंग के अभियान में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कार का चालान काट दिया था। बाद में जांच कमेटी के कहने के बाद उन्होंने सब इंस्पेक्टर का ट्रांसफर करने से मना किया था। साल 1983 में किरण बेदी काफी विवादों में घिरीं और ये रही उनके विवादों की लिस्ट-

  • किरण बेदी ने अपनी बेटी की देखभाल के लिए छुट्टी अप्लाई की थी लेकिन उस दौरान गोवा सरकार ने आधिकारिक तौर पर छुट्टी नहीं दी। गोवा के तत्कालीन सीएम प्रताप सिंह राने ने किरण को बिना छुट्टी दिए उनके छुट्टी पर होने की घोषणा कर दी थी।
  • किरण बेदी ने दिल्ली के लाल किले पर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने का आदेश दिया था, तब उनकी खूब आलोचनाएं हुई थीं।
  • साल 1988 में किरण बेदी को वकीलों के विरोध का सामना करना पड़ा था, जब उन्होंने तीस हजारी कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले राजेश अग्निहोत्री को हथकड़ी से बांधकर कोर्ट में पेश किया था।
  • साल 1993 में किरण बेदी को सुप्रीम कोर्ट ने एक अंडर ट्रायल कैदी के मेडिकल जांच को अनदेखा का आरोप लगाया गया था।
  • साल 1994 में किरण बेदी ने न्यूयॉर्क टाइम्स में न्यूज लेटर पब्लिश कर दिया था तब दिल्ली सरकार की खूब आलोचना हुई थी।

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