दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने वाले ISRO के बारे में 15 रोचक बातें

चंद्रयान-2 मिशन लगभग पूरा ही हो चुका था लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ तकनीकी गड़बड़ी के कारण संपर्क टूट गया। मगर फिर भी ISRO के वैज्ञानिक हार नहीं माने और विक्रम लैंडर का पता लगा ही लिया। अब उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ दिनों में शायद इसरो के वैज्ञानिकों की कतमाम कोशिशें पूरी हो सके। इतने के बाद भी आज पूरी दुनिया और खासकर NASA ने भारत का लोहा माना है। ऐसे में हर कोई अब ISRO के बारे में जानने की कोशिश कर रहा है और इसलिए हम आपको 10. SLV-3 भारत द्वाा लॉन्च किया गया पहला स्वदेशी उपग्रह था और इस प्रोजेक्ट को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम डायरेक्ट कर रहे थे। यहां हम आपको ISRO facts in Hindi बताने जा रहे हैं।



इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने अब तक जो भी किया है वो काबिल-ए-तारीफ ही है। इसरो ने वो कर दिखाया है जो बहुत से देशों ने सोचा भी नहीं होगा कि भारत जैसे विकासशील देश में ऐसा भी संभव हो सकता है। रोचक सफर में हम आपको ISRO के बारे में कुछ खास और कुछ अनसुनी बातें बताएंगे।

ISRO के बारे में हर छोटी-बड़ी बात | ISRO facts in Hindi

1. ISRO ka Full Form Indian Space Research Organisation है। इसका हेडक्वार्टर बेंगलूर में है और ये अंतरिक्ष विभाग द्वारा कंट्रोल की जाती है जो सीधे भारत के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजते हैं। भारत में इसरो के कुल 13 सेंटर हैं।

2. इसरो की स्थापना डॉ. विक्रम साराभाई ने साल 1969 में स्वसंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन की थी। इन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है।

3. अमेरिका, रूस, फ्रांस, जापान और चीन सहित भारत दुनिया के उन 6 देशों में शामिल है जो अपनी भूमि पर सैटेलाइट बनाने और उसे लॉन्च करने की क्षमता रखने वाला है।

ISRO facts in Hindi
Image Credit: Twitter/ISRO

4. भारत के लिए 26 Satelites लॉन्च करने के अलावा इसरो ने अब तक 21 अलग-अलग देशों का भी 79 Satelites लॉन्च किया है।

5. इसरो का बजट केंद्र सरकार के कुल खर्च का 0.34 प्रतिशत और GDP का 0.08 प्रतिशत है और ये कोई ज्यादा खर्च नहीं माना जाता है।

6. इसरो का पिछले 40 सालों का खर्च NASA के एक साल के खर्च का आधा है और वहीं नासा की इंटरनेट स्पीड 91GBps है तो इसरो की इंटरनेट स्पीड 2GBps है।

7. साल 1961 में पाकिस्तान का भी एक स्पेस सेंटर शुरु हुआ था जिसका नाम SUPARCO है और ये अब तक सिर्फ 2 सैटेलाइट्स लॉन्च किए है वो भी विदेशी मदद के जरिए। इसरो से इसका कोई मुकाबला ही नहीं है।



8. भारत के पहले रॉकेट के लॉन्च के समय भारतीय वैज्ञानिक हर रोज तिरूवंतपूरम से बसों में आते थे और रेलवे स्टेशन पर दोपहर का खाना खाते थे। पहले रॉकेट के कुछ हिस्सों को तो साइकिल पर ले जाया गया था।

9. आर्यभट्ट इसरो का पहला उपग्रहै जो 19 अप्रैल 1975 को रूस की सहायता से लॉन्च किया गया था। साल 1981 में APPLE Satelites को संसाधनों की कमी के कारण बैलगाड़ी से जाया गया था।

10. SLV-3 भारत द्वाा लॉन्च किया गया पहला स्वदेशी उपग्रह था और इस प्रोजेक्ट को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम डायरेक्ट कर रहे थे।

11. ANTRIX इसरो की कमर्शियल डिविजन है जो हमारी स्पेस तकनीक को दूसरे देशों तक पहुंचा देती है। ANTRIX के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर देश के दो बड़े उद्योगपति रतन टाटा और जमशेद गोदरेज थे।

12. किसी और संगठन की बजाए इसरो में सबसे ज्यादा Single Scientist हैं, जिन्होंने कभी शादी नहीं की और पूरा जीवन इसी में समर्पित कर दिया।

13. साल 2008-09 में इसरो ने पहला चंद्रयान-1 लॉन्च किया था जिसका बजटन 350 करोड़ यानी नासा से 8-9 गुना कम था और इसी दौरान चांद पर पानी की खोज की गई थी।

14. इसरो का मंगल मिशन आज का सबसे सस्ता मिशन था जो सिर्फ 450 करो़ड़ रुपये यानी 12 रुपये प्रति किलोमीटिर ऑटो के किराए के बराबर था। हमारा मंगल मिशन कई बॉलीवुड फिल्मों से भी सस्ता था और आपको बता दें कि इसपर फिल्म मिशन मंगल (2019) बन चुकी है जिसमें अक्षय कुमार मुख्य किरदार में थे।



15. भारत (ISRO) अपने पहले प्रयास में मगंल ग्रह पर पहुंचने वाला एकमात्र देश बना था। इससे पहले अमेरिका ने 5 बार, सोवियत संघ ने 8 बार और चीन ने कई बार प्रयास किया था लेकिन वे असफल रहे।

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