9/11 Attack: इस तरह अलकायदा को आया था इमारत से विमान टकराने का आइडिया !

अमेरिका के इतिहास में 11 सितंबर का दिन काले अक्षरों में लिखा जाता है. 11 सितंबर, 2001 में अमेरिका की सबसे बड़ी बिल्डिंग के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (World Trade Center) में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था. 9/11 Attack दुनिया में सबसे बड़ी आतंकी हमले के लिए याद रखा जाएगा. मगर इमारत से विमान टकराने का आइडिया आखिर अलकायदा चीफ ओसामा बिन लादेन को आया कहां से, आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे.



9/11 Attack का प्लान लादेन ने इस तरह बनाया ?

9/11 Attack
9/11 घटना का एक दृश्य, फोटो क्रेडिट: Moneycontrol

9/11 Attack में करीब 3000 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी. इस हमले की गूंज आज भी अमेरिका में रहने वालों की जिंदगी में है, क्योंकि बहुत से लोगों ने अपनों को इस हमले में खो दिया था. मगर ऐसी भयानक हमले की तरकीब अलकायदा चीफ लादेन को एक पायलट के जरिए आया था. दरअसल, ‘द यरूशलेम पोस्ट’ में छपी एक खबर के अनुसार, साल 1999 में गामिल अल-बतौती नाम का एक पायलट अपनी नौकरी से संतुष्ट नहीं था और बहुत परेशान था. इसके बाद उसने इजिप्ट एयर विमान को समुद्र में गिरा दिया था. ये विमान लॉस एंजिलिस से काहिरा जा रहा था, तभी पायलट ने जानबूझकर विमान पानी में गिरा दिया. इस घटना में करीब 217 लोग मारे गए थे जिसमें 100 लोग अमेरिकी नागरिक थे. इस घटना के बारे में अलकायदा की साप्ताहिक मैग्ज़ीन ‘अल-मसरह’ में भी छपा था, इसमें पायलट गामिल का जिक्र हुआ था. 59 साल के गामिल एक अनुभवी पायलट था और इन्होंने अपनी नौकरी से परेशान होकर 31 अक्टूबर, 1999 में इजिप्टएयर की फ्लाइट लॉस एंजिलिस से काहिरा के बीच गिरा दी थी. पहले तो इस घटना को आतंकी हमला बताया गया लेकिन जांच होने पर सच्चाई सामने आई.

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ओसामा बिन लादेन, फोटो क्रेडिट: DNA India

‘अल-मसरह’ के अनुसार, जब ओसामा बिन लादेन को ये खबर मिली तो उसने सोचा कि अगर प्लेन समुद्र में गिराया जा सकता है तो इमारत से भी टकराया जा सकता है. इसके बाद ओसामा के आतंकियों ने 4 विमानों को हाईजैक किया और इनमें दो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में, तीसरा पेंटागन में तो चौथा विमान मैदान में गिरा दिया था. अलकायदा ने इस घटना को अंजाम देने के लिए अपने अनुभवी आतंकियों को चुना था.



अलकायदा चीफ को मार गिराया | Osama Bin Laden Death

9/11 Attack के बाद अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम रख दिया था. 2 मई, 2011 को अमेरिकी सैनिकों ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में घुसकर लादेन को मार गिराया था. इस घटना के आठ सालों के बाद अमेरिकी नेवी सील के कमांडो रॉब ओ नील ने इसकी वर्षगांठ पर बताया था, ‘हमारे दल में शामिल सभी कमांडो मान चुके थे कि वे अब मरने वाले हैं. उन्होंने अपने घरवालों को अलविदा भी कह दिया था.’

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कमांडो रॉब ओ नील, फोटो क्रेडिट : Instagram/mchooyah

नील ने बताया कि लादेन के गढ़ में पहंचने पर कमांडो को लगा था कि ये ऑपरेशन इनका आखिरी ऑपरेशन होगा. एक इंटरव्यू में नील ने बताया था, ”मिशन पूरा कर जब हम सभी हेलीकॉप्टर में वहां से निकल रहे थे तब लगा कि हमारी जान बच सकती है. पायलट ने कहा कि हम अफगानिस्तान में हैं. ये सुनने के बाद लगा कि हमने कर दिखाया. उस समय यह सब बहुत खुश हुए और इमोशनल भी. हमें बहुत गर्व हो रहा था और हमने कहा हमें गर्व है कि हम इस टीम का हिस्सा हैं.”

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